जय मैथिली
स्वामी रामकृष्ण परमहंस एवं स्वामी विवेकानान्दक पावन भूमि बेलूड़ में अपन रोजी-रोटीक उद्देश्य में लगभग ७-८ दशक सं मैथिलक उपस्थितिक सूचना अछि। क्रमशः संख्या अधिक होयबाक क्रम में सामजिक एवं सांस्कृतिक क्रिया कलाप बढ़ैत जायब स्वाभाविक। कीर्तन-अष्टयाम, फगुआ, दीपावली, आदि उत्साहपूर्वक मनयबाक परम्परा रहल अछि जाकर विशिष्ट रूप एहि ठाम एखन धरि विद्यमान अछि।
एहि ठाम, प्रथम विद्यापति स्मृति पर्व मिथिला कला परिषद् नामक संस्था द्बारा दिनांक ४/१०/१९७५ क सफलतापूर्वक मनाओल गेल छल जाहि में कलकत्ताक तत्कालीन प्रमुख मैथिल व्यक्ति (यथा उदित नारायण झा, मदन चौधरी, चंद्रकांत मिश्रा, इन्द्रगोविंद झा, बबूसहेब चौधरी, आदि) आयल छलाह।
आधुनिक नाटकक प्रारम्भ दू दिनक कार्यक्रम १८/०२/१९८३ एवं १९/०२/१९८३ क्रमशः "वीर अभिमन्यु" (हिन्दी) तथा "शेष नईं" (मैथिली) सं भेल छल। क्रमशः विभिन्न नाम सं समय-समय पर कार्यक्रम चलैत रहल।
मैथिलीक साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामजिक गतिविधि में गति एवं निरंतरता आयल जहिया सं एहि ठामक समाजक विशिष्ट लोकनिक संरक्षण में शिक्षित एवं प्रगतिशील नवयुवक लोकनिक द्वारा मिथिला सेवा समितिक स्थापना भेल जाकर आई रजत जयंती उत्सव मनाओल जा रहल अछि। एहि पचीस वर्षक अवधि में विभिन्न छेत्रक प्रयासक उपलब्धि सं जाहि स्तर पर आयल अछि से सबहक समक्ष अछि। एहि अनुकर्णीय प्रयासक जतेक प्रशंसा हुअय से कम होयत। प्रारम्भ सं एखन धरि प्रत्येक संलग्न व्यक्तिक प्रति समाज कृतज्ञ रहत। वर्तमान कार्यकार्नीक प्रत्येक अधिकारी एवं सदस्य के अनेक-अनेक सधुवादक संग हमर आशीर्वाद एहि आशाक संग जे कार्यक्रम के आओर त्वरित गति सं निरंतर आगा बढबैत रहताह।
दू दिनक ई कार्यक्रम बहुत नीक रूपें नियोजित कायल गेल अछि। एहि ठामक मंचस्थ पहिल मैथिली नाटक "शेष नईं'क " पुनर्मंचन अद्भुत होयत से आशा अछि।
नागदहक बाद बेलूड़ हमर परिवारक दोसर बासडीह अछि। एहि ठाम हम सब भाय-बहिन अपन पूज्य पिता एवं (समय-समय पर) माताक संग रहल छी। एहि ठाम सं धिया-पुता समस्त परिवारक सं आया बढ़ल अछि। तैं ई हमरा लोकनिक पुण्य भूमि थीक।
अपन मैथिली सेवी माता-पिताक आदेश, प्रोत्साहन आ आशीर्वाद सं हम तीनो भाईं सपरिवार यथासाध्य माँ मैथिलीक सेवा में लागल छी। समाजक असीम स्नेह, शुभकामना आ प्रोत्साहन संबल अछि। आगा भगवतीक इच्छा।
वर्तमान में किछु शारीरिक अस्वस्थाताक कारणें पहिल बेर कार्यक्रम में उपस्थित नहिं भ' पयबाक कष्ट अछि। आशा अछि दूनू दिनक कार्यक्रम अत्यन्त सफलताक संग मैथिली कार्यक्रमक एकटा इतिहास सृष्टि करत।
इति शुभम्। नव वर्षक हार्दिक अभिनन्दनक संग
दयानाथ झा
पाबथि
अध्यक्ष, मंत्री, एवं सदस्यगण
विद्यापति भवन
१७८ पूर्व सपुइपाडा
बाली, हावड़ा