Sunday, May 10, 2009

सिद्धांत

हे! रहय दियौ!
बेसी पर्फेसरी नहिं छाँटू
अहाँ बुझैत छियैक जे
अहीं के बूझल अछि सब किछु
सबटा नियम / सिद्धांत...
ई मात्र भ्रम थिक अहाँकफूसि अभिमान मात्र!
अहाँ नहिं बूझि रहल छियैक जे
जड़ नहिं होइत छैक सऽब सिद्धांत
सदति बदलैत रहैत छैक
ओहिना, जेना -
कहियौक मान्यता छलैक जे
सूर्य परिक्रमा करैत छैक पृथ्वी के
मुदा नबका सिद्धान्तक अन्वेषण भेलैक
पृथ्वीए करैत छैक सूर्यक परिक्रमा....
अहाँक सिद्धांत कहैत अछि
जे अप्पन क्यो मरि जाइत छैक तऽ
कानय लागैत अछि लोक
अश्रुधारा बहय लागैत छैक-मुदा, मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर जखन
आतंकीक गोली फोलि देलकै
एकटा १२ बरखक छौड़ा'क कपार
आ, से देखि क' जे पथरेलई
ओकर बापक आँखि
से आई धरि पथरैले छैक
कहाँ खसलइए एक्कहु ठोप नोर
ओकर आँखि सऽ
खाली ठोर दूनू फड़फड़ाइत रहैत छैक सदिखन...

आ, अहाँ कहैत छी जे
जखन दर्दक अनुभव होइत छैक
नेना भुटका सबके
तऽ ओ सब चिकरैत अछि, डिरियाइत अछि
मुदा -
जखन रशीदा बेगम'क पेट के
चीर देने रहै सनकल तलवार गुजरात में
तऽ कहाँ चिकरल रहै
आ की डिरियायल रहै
ओकर कोखि में पलैत
८ मासक बच्चा!

सुनू हमर बात
आ नीक जकाँ बूझि लियऽ
मनुक्ख में बड्ड शक्ति होइत छैक
ओ सिद्धान्तक अन्वेषण करैत अछि,
परिवर्तन करैत अछि,
आ, समय-समय पर
आविष्कार सेहो करैत अछि
नब-नब सिद्धान्तक
मनुक्ख में बड्ड शक्ति होइत छैक.........


मनोज
सिकंदराबाद,
१० मई 2009

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