रौद बड्ड तेज छैक
प्रचण्ड गर्मी
गाछ तर बैसि जाइत छी
मुदा, छाहरियो में ताप छैक
सब किछु निःशब्द/निष्प्राण
ऐना मे
बाट भटकि क' अबैत सन
मिसियो भरि बसात
नीक लगइए...
भोरे भोर
सब दीन पहिल काज
उनटबैत छी अखबारक पन्ना
(हिस्सक लागि गेल अछि बुझाइए)
आद्योपांत पढि जाइत छी
मोन तीत .......
मारि-काटि/लूट-पाट
छीना-झपटी/ राज-पाट
झगडा-झांटी / गोली-बारी
गोल-गोलैसी/ गारा-गारी
हे! सत्ते.....
मोन तीत भ' जाईए
ऐना मे
कतहु एकात मे
विज्ञापनहुं में बिहुंसैत लोक
नीक लगइए...
चारु कात
सब दीस
बहि रहल अछि निरंतर
नोटक सप्त सिन्धु ...
आ,
चारु कात
सब दीस
जरि रहल अछि निरंतर
निर्धनक लहास
(ई पाई कोना मनुक्ख के चीन्हैत छैक भाई?)
बड्ड नोर भरल अछि आँखि में
ऐना मे
कतहु नुका क'
भरि मोन कानब
नीक लगइए...
बड्ड नीक लगइए...
मनोज
सिकंदराबाद
१८/०७/२०१०
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