Thursday, February 12, 2015

सींथ


हमरहि सन ओ
ओकरहि सन हम
अनमन ओकरहि सन..

हमरहि सन स'ख-मनोरथ
स्वप्न-कल्पना-कामना
प्राण मे तरंग
जीबैत रहबाक उमंग
सब किछु हमरहि सन
अंतर बस एतबे -
ओकर विश्व झरकल छै
ओकर सींथ उजड़ल छै..

नीक लगै छै ओकरो
हमरहि सन
जीवनक सब रंग
जिनगीक सब राग
चिड़ै-चुनमुनिक गीत
सृष्टिक मधुर संगीत
फूलक मृदु संवाद
तरल माछक स्वाद..

चूड़ीक खनखन
पैजनियाक छमछम
ललाट मध्य पूर्णचंद्र
सेनूरक लाल रंग
अस्तित्व मे गाँथल मान
ठोर पर सरल मुस्कान
सबटा अनुराग
हमरहि सन..

अंतर बस एतबे
ओकर साँस ठहरल छै
ओकर सींथ उजड़ल छै...

हैदराबाद
१२/०२/२०१५

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