साहित्य पथ पर अनवरत यात्रा.....
सूति-उठि क' भोरे-भोर भेंट होइत अछि अएना मे एक अपरिचित..
कौखन बुझाइत अछि किछु चिन्हार सन सद्यः स्नाता शिशु-इजोत मे किछु अनटोटल मिझाइत अन्हार सन...
हैदराबाद १८/०२/२०१५
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