Sunday, February 8, 2015

जनादेश


खंड-खंड काटि क'
खंड-खंड बँटैल
खंड-खंड भूजि क'
खंड-खंड रन्हैल

खंडित विश्वास अछि
खंडित अछि आस
खंडित आभास अछि
खंडित अछि साँस

एक खंड देह अछि
खंड-खंड प्राण
एक खंड माथ मे
खंड-खंड ज्ञान

खंड-खंड जीवनक
खंड-खंड शेष
खंडित जनतंत्र केर
खंडित आदेश!

हैदराबाद
०७/०२/२०१५

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