माटि-पानिक
अनुपम सुगंध
आँगन-दलान
खेत-खरिहान
होइत
कइएक मील
बसातक संग
उड़ैत
पैसैत अछि
श्वासक संग
हमर नस-नस मे
मिज्झर होइत अछि
प्राण संग
आ, पुछैत अछि
बौआ कहिया अएबह
अप्पन ठाम
अप्पन गाम?
पुबरिया ओसाराक
पुरबा बसात
पछबरिया ओसाराक
ढेकी आ जाँत
बाड़ीक केरा-लताम
कलमक सिनुरिया आम
धर्मराजक चिनबार
भनसाघरक सीक पर
कुच्चा आचार
बाबीक सब सरंजाम
एक-एक टा
खुट्टा आ खाम्ह
पठबैए संदेस
बौआ कहिया अएबह
अप्पन ठाम
अप्पन देस?
आँखि दुनू
सजल
कंठ कने
अवरुद्ध
सबटा खेल पेटक
मुदा आइ भूख
पेट सँ नहि
फाटइत करेज सँ
रहि-रहि उठइए
ह्रदय मे कतहु किछु
सुगबुग करइए..
हैदराबाद
११/०१/२०१५
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