Thursday, January 22, 2015

नफा


सुनैत छी सभतरि
भिखमंगा सब
चलबैत अछि
फलैत-फूलैत
व्यवसाय
लागत नगण्य
नफा जबरदस्त!

होइत हेतैक
हाथ पाथब
फलैत व्यवसाय
फूलैत वाणिज्य
होइत हेतैक..

मुदा क्यों जँ बुझबितय
स्वजन सँ
आंकड़ जेना त्यागल
ई बुढ़ियाक पत्तल पर
हमर मुँह दूसैत
कहियोक रन्हायल त्याज्य अन्न
चाउर सँ बनल भात
आ, भात सँ पुनः
सुखा क'
भ' रहल चाउर
कोन व्यवसायक छैक
केहन जबरदस्त लाभ?

क्यों जँ बुझबितय
की छैक ई रहस्य
आधुनिक सबल भूखतंत्र के
त्रासदीक बेजोर पूंजितंत्र के...

हैदराबाद
२२/०१/२०१५

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