बाजि रहल
ढोल-मृदंग
झालिक झंकार
साधल सुर-ताल
मधुमय गीत संग
सभतरि आनंद..
लोक हँसैत
गीत गबैत
हाथ मे हाथ ल'
लोक नचैत..
गीत गबैत
हाथ मे हाथ ल'
लोक नचैत..
हमहूँ छलहुँ नचैत
गीत गबैत
हँसैत-बजैत
मुदा ओ आयल
करा देलक अम्लस्नान
सीसी सँ बहरायल
अग्निजल
भोंकि देलक पोर-पोर
भोंकैत रहल
भोंकिते रहल
आ, क्षण भरि मे
हम भ' गेलहुँ
क्यो आन..
गीत गबैत
हँसैत-बजैत
मुदा ओ आयल
करा देलक अम्लस्नान
सीसी सँ बहरायल
अग्निजल
भोंकि देलक पोर-पोर
भोंकैत रहल
भोंकिते रहल
आ, क्षण भरि मे
हम भ' गेलहुँ
क्यो आन..
निश्चिन्त रहै जाउ
जुनि घबराउ
जीब हम
लड़ब प्रारब्ध सँ
परास्त हएत दुर्भाग्य..
जुनि घबराउ
जीब हम
लड़ब प्रारब्ध सँ
परास्त हएत दुर्भाग्य..
सब हएत
सब भ' जएत
धरि जे भ' जाय
ई कहू
झरकल अस्तित्वक
की कएल जाय?
भोंकायल विश्वासक
दर्द कोना जाय?
सब भ' जएत
धरि जे भ' जाय
ई कहू
झरकल अस्तित्वक
की कएल जाय?
भोंकायल विश्वासक
दर्द कोना जाय?
हैदराबाद
१२/०१/२०१५
१२/०१/२०१५
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