बुढ़बाक गुदड़ी
बड्ड महग
व्याकुल दार्शनिकक
शोधक अवलंब
नवोदित चित्रकारक
स्थापित्यक भरोस
कुहरैत फिल्मकारक
अस्तित्वक आस
बुढ़बाक गुदड़ी
बड्ड कलात्मक
ढहैत भीत पर
लतरल
सुखाइत/जर्जर
करैलक लत्ती सन..
बुढ़बाक गुदड़ी
लौकिक माया
सुखायल चाम सँ झाँपल हाड़ पर
लटकल
ओहिना/अनेरे
किछु लटकल रहबाक चाही
तँय..
ओना..
बुढ़बाक गुदड़ी
एकदम निरर्थक
स्वर्ण महल मे भुतियायल
अर्थपाश मे अन्हरायल
लुप्त संतानक
प्रयोजनहीन बाप
त्यागल पितृत्वक खंडहर
हाथ पथने
टिनहा बाटी पटकैत
चौक परहक विरक्त भिक्षुक
अहि सँ बेसी
आर कते भग्न हएत?
आर कते नग्न हएत?
हैदराबाद
०५/०१/२०१५
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